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अध्‍ययन से खुलासा, प्राचीन मंगल पर था तरल पानी

PUBLISHED : Sep 24 , 3:11 AM



हाई रिजोल्यूशन वाली तस्वीरों और स्थलाकृति संबंधी आंकड़ों की मदद से अमेरिका में जैक्सन स्कूल ऑफ जियोसाइंसेज के बी टी कार्डेनास और उनके सहकर्मियों ने नदी संबंधी जमावों के प्रारूप और बदलावों का पता लगाया.
ह्यूस्टन : मंगल ग्रह पर फैले नदियों के अवशेषों के अध्ययन के अनुसार, लगभग साढ़े तीन अरब साल पहले लाल ग्रह की सतह का पर्यावरण तरल जल के अनुकूल था. शोधकर्ताओं ने कहा कि मंगल के एयोलिस डोरसा नामक क्षेत्र में कुछ बेहद सघन तरीके से जमा नदी अवशेष हैं. उन्होंने कहा कि इन जमावों को उपग्रही तस्वीरों से देखा जा सकता है क्योंकि यहां 'टोपोग्राफिक इनवर्जन' नामक एक प्रक्रिया हुई है, जिसके तहत नदी में जमाव हो जाने से सतह पर टीलानुमा आकृतियां बनी हुई हैं.

हाई रिजोल्यूशन वाली तस्वीरों और स्थलाकृति संबंधी आंकड़ों की मदद से अमेरिका में जैक्सन स्कूल ऑफ जियोसाइंसेज के बी टी कार्डेनास और उनके सहकर्मियों ने नदी संबंधी जमावों के प्रारूप और बदलावों का पता लगाया.

जब 1974 में इंदिरा न

काक्रोच जनता पार्टी (CJP) के आंदोलन के संदर्भ में 1974 के आंदोलन की खूब चर्चा हो रही है. तब और 2026 के छात्र आंदोलन में एक बड़ा फर्क है. तब इंदिरा गांधी ने छात्रों के आंदोलन को कुचलने का कुचक्र चलाया. अकेले बिहार में ही दर्जन भर से ज्यादा छात्रों की मौत हुई. इस बार सीजेपी के आंदो View more+

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