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टैक्स चोरी मामले में 82 कंपनियों से हटा प्रतिबंध, सेबी को नहीं मिला कोई सबूत

PUBLISHED : Sep 21 , 6:45 PM



सेबी ने इन कंपनियों पर करचोरी के लिए शेयर बाजार के कथित दुरुपयोग के कारण कारोबार प्रतिबंध लगाया था.
नई दिल्ली: बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने 82 कंपनियों पर लगे कारोबार प्रतिबंध को हटा लिया है. इन कंपनियों के खिलाफ कोई सबूत नहीं मिलने के कारण सेबी ने यह निर्णय किया है. सेबी ने इन कंपनियों पर करचोरी के लिए शेयर बाजार के कथित दुरुपयोग के कारण कारोबार प्रतिबंध लगाया था. सेबी इससे पहले तीन अलग मामलों में 421 कंपनियों पर भी प्रतिबंध हटा चुका है. उसने फर्स्ट फाइनेंशियल मामले और इको फ्रेंडली फूड प्रोसेसिंग पार्क, एस्टीम बायो आर्गेनिक फूड प्रोसेसिंग, चैनल नाइन एंटरटेनमेंट तथा एचपीसी बायोसाइंसेज के शेयरों के कारोबार के मामले में इन कंपनियों पर प्रतिबंध लगाया था.

ये इकाइयां कथित रूप से कर चोरी के लिए शेयर बाजार प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग करने और मनी लांड्रिंग गतिविधियों को लेकर सेबी की जांच के घेरे में थीं. मौजूदा मामले में सेबी ने दिसंबर 2014 और नवंबर 2015 में कुल 123 कंपनियों पर अगले आदेश तक कारोबार प्रतिबंध लगा दिया था. यह कदम रैडफोर्ड ग्लोबल के शेयरों का जनवरी 2013 से मार्च 2014 के बीच हुए कारोबार की प्राथमिक जांच के आधार पर उठाया गया था. बाद में नियामक ने इसमें से तीन इकाइयों से प्रतिबंध हटा दिया था. शेष 106 इकाइयों के खिलाफ अक्तूबर 2015, मार्च 2016 और अगस्त 2016 में जारी अलग अलग आदेशों के जरिये इनकी पुष्टि की गई.

अंतरिम आदेशों के बाद सेबी ने इस मामले में विस्तृत जांच की. जांच पूरी होने के बाद नियामक ने कहा कि उसे 82 इकाइयों के खिलाफ कोई प्रमाण नहीं मिला. इसी के अनुरूप सेबी ने 20 सितंबर को आदेश जारी कर इन इकाइयों से प्रतिबंध हटा दिया. हालांकि, नियामक ने स्पष्ट किया है कि शेष 24 इकाइयों के खिलाफ जारी आदेश कायम रहेगा.

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