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जब 1974 में इंदिरा ने छात्रों के आंदोलन को कुचला, जेपी मूवमेंट से कितना अलग CJP प्रदर्शन?    |    बि~हार~ में मोहन यादव का "मैजिक"    |    मुख्यमंत्री मोहन यादव ने किया किसानों का आभार व्यक्त किया    |    भोपाल बनेगा वॉटर स्पोर्ट्स का वर्ल्ड क्लास अड्डा    |    उज्जैन में 2500 साल पुराना चमत्कारी शनि मंदिर    |    महिला विधायक की फिसली जुबान, CM की मौजूदगी में लिया PM का गलत नाम    |    राजस्थान में माता का वो मंदिर जिसे 2 जंगों में भी जीत न पाया पाकिस्तान     |    जानें बजरंग दल के बारे में    |    PM Modi: 18 राज्यों में 91 FM ट्रांसमीटर्स का उद्घाटन    |    जानिए- कैसे आप अगले साल ज्यादा से ज्यादा टैक्स पर छूट बचा सकते हैं    |    ऑनलाइन भुगतान की लागत कम करने के तरीकों पर काम कर रहा RBI    |    चीन के अखबार ने छापा रोबोट पत्रकार का पहला लेख    |    मशीनों का बढ़ता इस्तेमाल खत्म कर देगा लाखों नौकरियां: अर्थशास्त्री डीटन    |    गेहूँ उपार्जन में गड़बड़ी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई करें    |    


CM मोहन यादव का कलेक्टर कमिश्नर कॉन्फ्रेंस में प्रदेश में तैनात अधिकारियों के लि

PUBLISHED : Oct 07 , 2:41 AM

 भोपाल।(मंथन पर राजेश शर्मा की खास रपट)।सावधान नुमाइंदारो आ रहा है कमल द्वार। डॉ मोहन यादव मध्यप्रदेश में इन दिनों अपने सख्त फैसलों और उनके क्रियान्वयन को लेकर उज्जैन के सम्राट महाराजा विक्रमादित्य की प्रेरणा से प्रेरित पाए जाते हैं। 

राजधानी भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में मसूरी अकादमी से सीख कर आए ब्यूरोक्रेसी के नुमाइंदारो को कसने का काम प्रदेश के सम्राट डॉक्टर मोहन यादव ने मंगलवार को किया। 
प्रदेश की ब्यूरोक्रेसी को समझाइए देते हुए इस मंथन में उन्होंने कहा कि इस दो दिवसीय कांफ्रेंस में इसी बात पर मंथन किया जाए कि शासन व्यवस्था को ओर अधिक सहज, सरल, बेहतर, पारदर्शी और विकेंद्रीकृत कैसे बनाया जाए ताकि इस पंच सूत्र के साथ डबल इंजन की सरकार का लाभ अधिक शीघ्रता से जनता के बीच पहुंचे। 
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने फिर जोर देते हुए अपने संबोधन में पंच सूत्र का फार्मूला फिर मसूरी  के नुमाइंदारो को दिया। उन्होंने कहा कि जनता, मीडिया, जनप्रतिनिधि और शासन, प्रशासन से निरंतर आत्मीय संबंध बनाने की जरूरत है। मैं समझता हूं कि यह पंच सूत्र प्रदेश के विकास के लिए विकास रथ के रूप में साबित होंगे ।

जब 1974 में इंदिरा न

काक्रोच जनता पार्टी (CJP) के आंदोलन के संदर्भ में 1974 के आंदोलन की खूब चर्चा हो रही है. तब और 2026 के छात्र आंदोलन में एक बड़ा फर्क है. तब इंदिरा गांधी ने छात्रों के आंदोलन को कुचलने का कुचक्र चलाया. अकेले बिहार में ही दर्जन भर से ज्यादा छात्रों की मौत हुई. इस बार सीजेपी के आंदो View more+

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